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    सोमवार, 19 जून 2017

    टीवी रेडियो और समाचार पत्रों के एकाधिकार को तोड़ता ये सोशल मीडिया प्रजातंत्र |

    आज   पत्रकार इस बात को ले के चिंतित नज़र आ रहे हैं  की यह पेड मीडिया आगे जाके कहीं ऐसा रूप न ले ले जहां लोगों का विशवास उनपे से हट जाए | एक समय था जब ख़बरों को दुनिया के सामने सच्चाई से लाया जाता था और केवल खबर भर सीमित यह कोशिश नहीं हुआ करती थी बल्कि समस्याओं का समाधान भी इसी पत्रकारिता से हुआ करती थी |
     https://www.facebook.com/hamarajaunpur/
    आज खबरें कम सूचनाएं अधिक हुआ करती हैं और खबरें भी बनायी हुयी है या सत्य है इसका विश्वास मुश्किल होता जा रहा है | ख़बरों को गरम गरम करते हुए पेश करने से भी वास्तविकता बदल जाती है |

    जहां एक तरफ टीवी रेडियो और समाचार पत्रों पे आम व्यक्ति आज पूर्णतया विश्वास नहीं कर पा रहा है वही दूसरी तरफ सोशल मीडिया ने समाज के उस अंतिम व्यक्ति को ताक़तवर बना दिया है जिसको ताक़त केवल समाचार देखने और सुनने तक सीमित थी और अब समाज की समस्याएं खुल के सबके सामने आने लगी हैं | आज सोशल मीडिया के इस्तेमाल से या अपने खुद के वेबपोर्टल से समाज का आम आदमीं अपनी आवाज़ को उठा के जन साधारण तक पहुंचा पा रहा है और यही कारण है की पत्रकारिता का स्वरुप आज बदलता जा रहा है और आगे जा के यह ऊँट किस करवट लेगा कुछ कहा नहीं जा सकता | 

    ...एस  एम् मासूम 

    (संचालक हमारा जौनपुर डॉट कॉम )

     वर्तमान समय उदंत मार्तंड के विकेंद्रीकरण का युग है। सामजिक पत्रकारिता ने हर व्यक्ति को लेखक और संपादक में तब्दील कर दिया। मैक्रो मठ माइक्रो सूचना पर आधारित हो रहे। टीवी रेडियो और समाचार पत्रों के एकाधिकार को तोड़ते हुए सोशल मीडिया प्रजातंत्र की बुनियाद को और मजबूत बनाने का तथा समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज को बिना किसी रुकावट के लोगों के सामने लाने का कार्य बखूबी कर रहा है।



    ..डॉ पवन विजय 

    मीडिया प्रभारी हमारा जौनपुर डॉट कॉम 


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    एस एम् मासूम

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