Thursday, October 30, 2014

102 एम्बुलेंस सेवा की कुल 21 गाडि़यों को प्रदेश के कैविनेट मंत्री पारस नाथ यादव ने हरी झण्डी दिखाई |

आज शाम  क्षयरोग चिकित्सालय परिसर से 102 एम्बुलेंस सेवा की कुल 21 गाडि़यों को प्रदेश के कैविनेट मंत्री पारस नाथ यादव ने हरी झण्डी दिखाकर विकास खण्डों के लिये रवाना किया। इससे पूर्व भव्य कार्यक्रम का आयोजन जफराबाद विधायक शचिन्द्रनाथ त्रिपाठी की अध्यक्षता में समपन्न हुआ, जिसमें मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 दिनेश यादव द्धारा अतिथियों का स्वागत एवं नेशनल एवं प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वाधान में चलायी गयी योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना में गर्भवती महिला एवं नवजात शिशुओं को चिकित्सक के सलाह पर जिले अथवा प्रदेश में कहीं भी पहुचाया जायेगा।

        कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव ने कहा कि सूफी सन्तों की धरती तथा गंगा जमुनी तहजीब के लिये जौनपुर आदि काल से जाना जाता है। हमारी सरकार 108 एम्बुलेंस सेवा के साथ-साथ 102 एम्बुलेंस सेवा प्रारम्भ कर गांव से गरीब दलितों के लिये वरदान साबित होगा। गांव में पहले चिकित्सा सुविधा नहीं थी तब हम जैसे मजबूत लोग पैदा हुए, जबकि आज सरकार द्धारा गांव-गांव स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के बाद भी अस्वस्थ लोग पैदा हो रहे हैं। यह 102  एम्बुलेंस शहर क्षेत्र में 10 मिनट तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 20 से 30 मिनट के अन्दर अवश्य पहुंचेगी। इस अवसर पर सपा नेता अवधनाथ पाल, प्रमोद सिंह, गौरीशंकर सोनकर, दीपक सिंह, राहुल त्रिपाठी, नीरज पहलवान, हिंसामुद्दीन सहित तमाम स्वास्थ विभाग अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
  जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि किसी भी देश का विकास स्वास्थ्य एवं शिक्षा के विकास के बिना नहीं हो सकता है। उन्होंने स्वास्थ विभाग के लोगों से अपील किया कि जनता के साथ अच्छा व्यवहार करें। पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने इस योजना की सराहना करते हुए कहा कि गरीबों के साथ-साथ पुलिस विभाग को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।

मोहर्रम में प्रशासन सावधान करेगा सी सी टीवी कैमरे का प्रयोग |

मोहर्रम माह में सावधानी बरतते हुए  जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन काफी गम्भीर है। दोना पक्षो से बातचीत करके हर छोटे बड़े विवादों को जहां सुलाझाने का प्रयास प्रशासन और पुलिस के अधिकारी कर रहे है वही संवेदनशील स्थानों पर सीसी टीवी कैमरा भी लगाया जा रहा है।

जिससे दहशत और जिले का अमन चैन विगाड़ने वालों की पिक्चर कैमरे में कैद हो सके । एसपी बबलू कुमार ने बताया कि पुलिस के पास मौजूद 20 सीसी कैमरो को  हर जुलूस और मजलिस वाले स्थानों पर सीसी टीवी कैमरा लगाया जा रहा हैं जरूरत पड़ी तो जेसिज चैराहा और वाजिदपुर तिराहे पर लगे कैमरे को उतारकर संवेदनशील स्थानों पर लगाया जायेगा। साथ ही उन्होने दोनो पक्षों के लोगो से अपील किया है कि आपसी सौहार्द बनाये रखे जिससे यहां की ऐतिहासिक गंगा जमुनी कायम रह सके।

अनाथालय चलाने वाली संस्थाओं को रजिस्ट्रेशन करवाना चाहिए |

जौनपुर। प्रभात रंजन जिला बाल संरक्षण अधिकारी/ जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि जनपद जौनपुर के ऐसे सभी स्वैच्छिक संगठनों/धर्मार्थ संगठनों/ट्रस्टों/व्यक्ति/व्यक्तियों के समूह जो बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण अथवा समान प्रयोजन के लिये 18 वर्ष से कम आयु के शिशुओं/बालक/बालिकाओं की देखरेख के लिये संस्थायें संचालित कर रहें हैं। उन सभी पक्षकारों को अवगत कराया है कि वे इस तरह की संस्था के संचालन के लिये किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2000 (यथा संशोधित 2006) की धारा-34(3) के अन्तर्गत अनिवार्य रूप से पंजीकरण करायें। पंजीकरण का प्राधिकार निदेशक महिला कल्याण उत्तर प्रदेश में अवस्थित है।

    अन्य संस्थायें जो सामान्य कार्य तथा अन्य अधिनियमों के तहत पंजीकृत हैं वह भी अनिवार्य रूप से किशोर न्याय (बालकांे की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2000 (यथा संशोधित 2006) की धारा-34(3) के अन्तर्गत पंजीकृत करायें। पंजीकरण हेतु आवेदन पत्र महिला कल्याण विभाग की बेवसाइट से सीधे डाउनलोड किया जा सकता है। आवेदन पत्र सम्बन्धित संस्था द्वारा जनपद के जिला प्रोबेशन अधिकारी/जिला बाल संरक्षण अधिकारी कार्यालय में जमा किया जायेगा। किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2000 (यथा संशोधित 2006) की धारा-34(3) के अन्तर्गत गैर पंजीकृत संस्थायें बालक/बालिका/देखरेख और संरक्षण के आवासीय प्रयोजन हेतु अवैध मानी जायेगीं तथा ऐसी संस्थाओं के बच्चे पंजीकृत अन्य संस्थाओं में स्थानान्तरित कर दिये जायेगें

Wednesday, October 29, 2014

आज मुहर्रम की अज़ादारी का चौथा दिन था |

मुहर्रम आते ही जौनपुर में इमामबाड़े सज जाते हैं और नौहा मजलिस, मर्सिया, सोअज़ का दौर आज से १४३६ साल पहले दी गयी इमाम हुसैन (अ,.स) की क़ुरबानी को याद करने के लिए शुरू हो जाता है | इमाम हुसैन (अ.स) ने ज़ुल्म के खिलाफ आवाज़ उठायी जो ज़ालिम बादशाह यजीद को पसंद नहीं आया और उसने इमाम हुसैन (अ.स) को उनके परिवार के साथ ७२ लोगों को शहीद कर दिया गया|

आज भंडारी, पान दरीबा , कल्लू का इमामबाडा इत्यादि में अज़ादारी का जुलूस निकला गया जिसमे हज़ारों की तादात में मुसलमानों से शिरकत की और नौहा मातम सीना जानी की
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सूर्य उपासना के पर्व डालाछठ पर दिया गया अर्ध्य |





जौनपुर। सूर्य उपासना के पर्व डाला छठ पर व्रती महिलाओं ने बुधवार की शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अघ्र्य दिया जिसके पहले गोमती सहित अन्य नदियों, तालाबों, पोखरों के किनारे सहित जलाशयों के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर बेदी बनाकर महिलाओं ने विधिपूर्वक पूजा-अर्चन किया। इसके पूर्व बीती रात को नहाय-खाय के बाद माताओं ने पुत्रों के यशस्वी एवं दीर्घजीवी के लिये व्रत का शुभारम्भ किया। गन्ने के रस अथवा गुड़ की खीर बनाने के बाद देवकरी में रखकर हवन किया जिसके बाद उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। देखा गया कि महिलाओं ने बांस की बनी बड़ी टोकरी में अगरबत्ती, धूप, देशी घी, मिट्टी के दीपक, बर्तन के अलावा 5 फल, गेहूं के आटे, गुड़, ठेकुआ को वेदी पर रखने के साथ नारियल को कपड़े मंे लपेटकर सूप में रखा। घर से महिलाएं गीत गातीं पूजास्थलों पर पहुंचकर बेदी बनाकर पूजा कीं। तत्पश्चात् पानी के बालू में गन्ने को रखकर अस्ताचलगामी सूर्य को अघ्र्य देने के बाद घर चली गयीं। लोगों के अनुसार डाला छठ पूजा सूर्योपासना का महापर्व है जो 4 दिवसीय होता है। सूर्य के व्रत में मामूली चूक भी क्षम्य नहीं, इसलिये पवित्रता का विशेष ख्याल रखा जाता है। नगर के विसर्जन घाट, गोपी घाट, हनुमान घाट, केरारवीर घाट, मां अचला देवी घाट, सूरज घाट, गूलर घाट, गोकुल घाट सहित अन्य घाटों पर व्रती महिलाओं की भीड़ रहीं जहां बच्चे पटाखे छुड़ाकर आनन्द लिये। नगर के गोपी घाट पर श्री संकट मोचन संगठन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने प्रकाश, सफाई आदि की विशेष व्यवस्था किया था जहां लगाये गये ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से मेले का संचालन हो रहा था। गोपी घाट की व्यवस्था इतनी सुदृढ़ थी कि किसी को कोई परेशानी नहीं हुई।


गुरूनानक देव की 543वें प्रकाशाेत्सव की शुरूआत प्रभातफेरी से शुरू हुयी |

जौनपुर। गुरूनानक देव की 543वें प्रकाशाेत्सव की शुरूआत प्रभातफेरी से शुरू हो गई है, बडी संख्या में पुरूष, महिलाएं व बच्चे प्रभातफेरी में ढाेल मजीरे के साफ कीर्तन करते नजर आये। प्रभातफेरी आेलन्दगंज स्थित गुरूद्वारे से शुरू होकर रासमण्डल के गुरूद्वारे मे जाकर समाप्त होती है।

Tuesday, October 28, 2014

शान्ति दूत इमाम हुसैन (अ.स) की अज़ादारी शांतिपूर्ण तरीके से करें | ...एस एम् मासूम

मुहर्रम का महीना  आते ही जौनपुर में पूरे विश्व की तरह शान्ति दूत इमाम हुसैन (अ.स) की कर्बला में शहादत को याद करते हुए इमाम बाड़ो को सजा दिया जाता है और मजलिस, मातम नौहा ,अज़ादारी के जुलुस निकालने का सिलसिला शुरू हो जाता है |उनके दुःख को याद करना हुआ करता था |

इन अज़ादारी के जुलुस का ख़ास मकसद शान्ति दूत इमाम हुसैन (अ.स) की कुबानी के बारे में लोगों को बताना और उनके दुःख को याद करना हुआ करता है |ये जुलूस शहर के हर कोने, पन्दरिबा, कल्लू का इमाम बाड़ा, नकी फाटक, बलुआ घाट, सिपाह , भंडारी , शाह का पंजा इत्यादि जगहों से निकलना है और शहर के कोने कोने तक शांति का पैगाम देता है |

इस जुलूस में अशांति की कल्पना करना भी पाप माना जाता है | इसलिए जो लोग इस जुलुस को निकालते हैं उन्हें इस बात का पूरा ध्यान रखना चाहिए की जुलुस निकालने के दौरान जनता को कोई परेशानी ना होने पाए, जुलुस समय से और शान्ति पूर्ण तरीके से से निकले |

प्रशासन ने भी इन जुलुस को शांतिपूर्ण तरीके से निकालने के लिए बहुत से इंतज़ाम किये हैं और जनता को चाहिए की उनका सहयोग करें |


जब इमाम ने देखा के मदीने में भी उनके दुश्मन हैं तो वे हज के लिए मक्का चले गए। यहां भी हाजियों के वेष में यजीदी फौज के लोग मौजूद थे, मक्के की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए इमाम वहां से भी निकल दिए। दुनिया को इमाम ने अहिंसा व इंसानियत का संदेश दिया।

जौनपुर पर्यटन

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