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Friday, April 18, 2014

यह इश्क नहीं आसान बस इतना समझ लीजे रविकिशन जी |

भोजपुरी फिल्म जगत के सुपर स्टार एक अच्छे कलाकार और अच्छे इंसान हैं लेकिन राजनीति के दांव पेंच से भी उतने ही  माहिर होंगे यह आवश्यक नहीं  है | फिल्मजगत  से जुड़े होने के कारण जौनपुर के लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रविकिशन जी खुद भी सपरिवार मेहनत करते नज़र आ रहे हैं |

भोजपुरी फिल्म जगत के सुपर स्टार होने के कारण एक ओर जहां वो चर्चा का विषय बने हुए है तो उसे तरफ उनके आते ही उनका विरोध भी शुरू हुआ और उसी के साथ ख़बरों का सिल  सिला कि उनकी जान को खतरा है तो कभी वो चुनाव लड़ने को तैयार नहीं | समय समय में उनकी तरफ से बहुत सी अफवाहों का खंडन भी होता रहा है लेकिन बाज़ार तो गर्म है ही |

जनता है की जहां देखिये उनसे जौनपुर की समस्याओं पे कम बात करती नज़र आती है और फ़िल्मी गाने पे नाचने की डिमांड अधिक करती नज़र आती है |

तीन दिन जौनपुर से बाहर  रहने के बाद एक बार फिर से रविकिशन चुनाव मैदान पे प्रचार करते और प्रेस कांफ्रेंस करते नज़र आये |

उनकी मेहनत काबिल ऐ तारीफ है  बस देखना यह है की उनकी मेहनत कितना रंग लाती है ?






आचार संहिता का उल्लंघन अब नहीं रहा आसान |

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर स्थानीय कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी सुहास एलवाई ने कहा कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कठोर कार्यवाही की जायेगी। प्रत्याशी 70 लाख रुपये तक ही व्यय कर सकता है। व्यय प्रेक्षक विजयन्त सिंह व यशोवर्द्धन पाठक ने सहायक व्यय प्रेक्षक, वीडियो निगरानी, वीडियो अवलोकन, लेखा टीम, व्यय अनुवीक्षण सेल, मीडिया प्रमाणन, अनुवीक्षण समिति, उड़न दस्ते, स्थानीय निगरानी टीम, व्यय अनुवीक्षण नियंत्रण कक्ष और काल सेन्टर में तैनात अधिकारियों को बताया कि विश्व में भारत ही एक ऐसा लोकतांत्रिक देश है जहां पर इतना बड़ा चुनाव कराया जा रहा है। आप सब आयोग के अधीन हैं।

आरक्षी अधीक्षक हैप्पी गुप्तन ने चुनाव में टीम भावना से काम करने का निर्देश दिया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी टीमों को राष्ट्रीय राजमार्गों पर चेकिंग करते समय संवेदनशीलता बरतने का निर्देश दिया। प्रभारी अधिकारी व्यय सेल ने चलचित्र के माध्यम व व्यवहारिक जानकारी दिया। श्री एलवाई ने बताया कि लेखा टीम विधानसभा क्षेत्र में सौंपे गये कार्यों का सफलतापूर्वक सम्पादन करेंगे।

आयकर अधिकारी पंकज श्रीवास्तव के मोबाइल नम्बर 8005445813,
मनोज गुप्ता आयकर निरीक्षक के नम्बर 8005446417 ,
व्यय प्रभारी के मोबाइल नम्बर 9450264636 पर सूचना दी जा सकती है |

कलेक्ट्रेट में स्थापित टोल फ्री नम्बर 18001801616 पर सूचना दी जा सकती है। इतना ही नहीं, सभाग्राम सभाओं में उपजिलाधिकारियों द्वारा नियुक्त किये गये रिटायर फौजी/सरकारी अधिकारी व गणमान्य नागरिकों के मोबाइल नम्बर पर जानकारी की जा सकती है।

Sunday, April 13, 2014

मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों की लग गयी लाटरी |

माध्यमिक शिक्षा परिषद के मूल्यांकन के दौरान कापियों में एक-एक हजार रुपये के नोट मिल रहे हैं। रविवार को तिलकधारी इंटर कालेज केंद्र पर डिप्टी हेड द्वारा अकेले पैसा लेने पर परीक्षकों ने आपत्ति जताते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक से शिकायत किया। टीडी कालेज केंद्र पर कन्नौज जनपद की इंटरमीडिएट रसायन विज्ञान की कापियों का मूल्यांकन हो रहा है। एक विद्यालय की कापियों में रुपये के नोट नत्थी थे।


डिप्टीहेड ने बंडल खोलकर वितरण से पूर्व एक कापी खोली तो उसमें एक हजार रुपये का नोट दिख गया। फिर क्या था वह जल्दी-जल्दी सभी कापियों में नोट खोजने लगा। सूत्रों के अनुसार 374 कापियों के बंडल में 74 कापियों में से पैसा निकाल पाया था कि परीक्षकों ने यह कहते हुए विरोध शुरू कर दिया कि इसमें हम सभी का हक है लेकिन डिप्टी हेड बंटवारे के लिए तैयार नहीं हुआ। इस पर परीक्षकों ने बवाल खड़ा कर दिया। इसी दौरान भ्रमण कर जिला विद्यालय निरीक्षक कक्ष में पहुंच गए। परीक्षकों ने उनसे शिकायत किया। उनके हस्तक्षेप के बाद मामला रफा-दफा हुआ। इस बारे में पूछने पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि कापियों में एक हजार रुपये का नोट मिलने और डिप्टी हेड द्वारा कापी वितरण न करके रुपये की खोज करने की शिकायत परीक्षकों ने की थी। जांच में नोट नहीं दिखा। उन्होंने कहा कि हो सकता है कुछ कापियों में परीक्षार्थियों ने नोट नत्थी कर दिया हो।

अरबिक कैलीग्राफी के माहिर जौनपुरी कलाकार जनाब मुहम्मद जमशेद |

जौनपुर के कलाकारों और प्रतिभाओं को दुनिया तक पहुंचाने की श्रंखला में आज आपके सामने पेश हैं जनाब मोहम्मद जमशेद साहब जिनकी कला के नमूने देख मैं भी दंग रह गया |

जनाब जमशेद साहब कुरान शरीफ के सुंदर मनमोहक कलात्मक और आकर्षक इस्लामिक या अरबिक कैलीग्राफी के माहिर हैं | जनाब जमशेद जी ने तमिल तेलगु कन्नड़ एवम बंगाली भाषाओँ की लिपि का इस्तेमाल  करते हुए अरबिक कैलीग्राफी को बड़े ही आकर्षक रूप में पेश किया है |

जमशेद साहब का जन्म जौनपुर के एक शिछित परिवार में हुआ | इनके पिता स्वर्गीय मुहम्मद फाजिल साहब मुनिस्पिल बोर्ड जौनपुर में सेवारत थे | जमशेद साहब के चाचा स्वर्गीय कामिल साहब  एक प्रसिद्द कवि और लेखक थे | प्रतिभाओं से भरे परिवार में जनाब जमशेद साहब की परवरिश हुयी | कैलीग्राफी  का हुनर भी इनके खून में था क्यूंकि इनके दादा स्वर्गीय मुंशी अब्दुल मजीद  साहब इस कला के माहिर थे और अपने समय की मशहूर साप्ताहिक पत्रिका "बर्क" का प्रकाशन किया करते थे |



जमशेद जी ने अपने इस  चित्रकारी के  शौक़ को पूरा करने के लिए लखनऊ विश्वविधालय से फाइन आर्ट्स में स्नातक की डिग्री (BFA) हासिल की और अपनी कर्म भूमि मुंबई को बना लिया जहां उनको हिंदी ब्लिट्ज में नौकरी मिल गयी | पच्चीस वर्षों तक जमशेद जी इस पत्रिका से जुड़े रहे लेकिन अपनी इस्लामिक कैलीग्राफी की कला को निखारते रहे |

शांत स्वभाव के कलाकार जमशेद जी के पास अब अनगिनत कलाकृतियों का खजाना है जिसे हम सभी देखना अवश्य चाहेंगे और जमशेद जी से निवेदन करते हैं की कम से कम जौनपुर में एक बार अपनी कलाकृतियों की नुमाईश अवश्य करें जिस से हम सभी उनकी कला से रूबरू हो सकें |

जमशेद जी को सराहा तो बहुत गया, लोगों ने इनसे काफी कुछ सीखा भी लेकिन इस कला के कद्रदानो की कमी के कारण लोग इसमें कम रूचि लेते देखे गए हैं लेकिन यह सब बातें एक कलाकार के लिए कोई मायने नहीं रखती क्यूँ की हीरे की पहचान केवल एक जौहरी ही कर सकता है |





ऐसे ही एक जौहरी हैं जौनपुर के जनाब तुफैल अंसारी साहब जिन्होंने जमशेद जी के बारे में लिखा था जिसे आज मैं इस वेबसाईट से पेश कर रहा हूँ |



जमशेद जी की कला के बारे में पत्रपत्रिकाओं और अख़बारों में अक्सर लिखा जाता रहा है |


जनाब जमशेद साहब के हुनर की ऐसी मिसाल देखने को कहीं नहीं मिलती
 |मोहम्मद जमशेद,मोबाइल :+91-9833819411


Friday, April 11, 2014

दहशत के बीच हम : दोषी कौन ! --रेखा श्रीवास्तव

           हम इस इलाके में पिछले २४ साल से रह रहे हैं और जब यहाँ आये थे तब भी एक तरफ मुस्लिम बाहुल्य इलाका था और दूसरी और मिले जुले लोग रहते हैं और हम बड़ी शांति से रह रहे थे।  वर्षों से यहाँ ताजिए उठते हैं तो साथ में हिन्दू जाते हैं और रामनवमी के रथ के साथ मुस्लिम भी होते हैं।  कभी इसमें साउंड बॉक्स हिन्दू ले कर जाते हैं और कभी मुस्लिम।  कभी कोई शिकायत नहीं थी।  एक दूसरे के सुख में हम शामिल भी होते रहे हैं।  चाहे उनके यहाँ गम हो या ख़ुशी या हमारे यहाँ।  

                        फिर अचानक इतने सालों के बाद परसों एकदम क्या हुआ कि यहाँ पर रामनवमी की शोभा यात्रा ख़राब सड़क के कारण  दूसरी सड़क से ले जा रहे थे तो एक बुजुर्ग सज्जन रास्ते में लेट गए कि हम यहाँ से ये जुलूस  नहीं निकलने देंगे क्योंकि हमारे ताजिये यहाँ से गुजरते हैं और दूसरे कई लोग जुलूस के पीछे की तरफ से रास्ता रोक रहे थेकि यहाँ से वापस नहीं गुजरने देगें । फिर पत्थरबाजी और मकानों से गरम पानी नीचे लोगों के ऊपर फेंकने लगी घरों की महिलायें।  फिर हालात बिगड़ने में देर  कहाँ लगती है ? यद्यपि कुछ पुलिस के सिपाही उस रथयात्रा के साथ थे लेकिन वे अपर्याप्त थे। खबर आग की तरह तेजी से पूरे इलाके में फैल गयी और वह भी फैलते फैलते  कुछ से कुछ बन गयी । खबर उस जुलूस में दो बच्चों की हत्या तक पहुँच चुकी थी और सारा इलाका सन्नाटे में था।  अफवाह फैलाने के लिए अब तो हमारे पास मोबाइल का सबसे तेज साधन भी है और आप उसे पकड़ भी नहीं सकते हैं।   आनन फानन में पुलिस के आला अफसर डी एम , एस पी सब आकर स्थिति को सम्भालने में लग गए।  उनके रहते भी उस दिन जहाँ भी मौका मिला गरीबों की दुकाने जला दी गयीं।  जानते हैं किन लोगों की -- एक विकलांग जो साइकिल के पंचर जोड़ कर अपना परिवार पाल रहा था।  उसकी दुकान बांस के टट्टर के नीचे लगा रखी थी . एक गरीब ने बैंक से कर्ज लेकर बक्शे बनाने की दुकान खोल रखी थी , अपनी दो बेटियों के साथ घर में चैन से रह कर नमक रोटी ही सही खा रहा था ।  पुलिस की एक गाड़ी में आग लगा दी। 
                        हम इस दहशत में जी रहे थे - क्योंकि घर के पुरुष लोग अपने काम से बाहर ही थे।  सबको आगाह  किया गया कि दूसरे रास्ते से आइये लेकिन आना तो अपने घर ही था न।  जब तक घर पहुंचे नहीं जान गले में अटकी थी और आने पर बताया कि थोड़ी दूर पर जोर की आग भड़क रही थी।  उस समय तो अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता था कि किसी गरीब के पेट बुझाने के साधन धू धू कर जला दिए थे।  


                         इस के पीछे कौन है ? एक फेरी वाला , कबाड़ वाला , या फिर रोज के रोज कमाने वाले लोग क्या ऐसे कदम उठा सकता है ? नहीं इनको भड़काने वाले और इनके पीछे के मास्टर माइंड कोई और हैं।  आखिर ये लोग चाहते क्या हैं ? एक दिन गुजर गया और पुलिस के साये में पूरा का पूरा इलाका जी रहा था और फिर देखिये हिम्मत पुलिस की तलाशी के दौरान उन पर बम फोड़े गए।  पथराव किया गया , डीएम तो बाल बाल बच गयी लेकिन वे भी अपने दायित्व के साथ वहाँ पर डटी ही रहीं।  दूसरे दिन भी छुटपुट वारदात होती रहीं। दुकाने भी जलाई गयीं और बमबाजी भी की गयी।   वो सड़कें जो सारे दिन गुलजार रहती थीं सुनसान रहीं।  कोई सब्जी वाला नहीं , दूध की गाड़ी नहीं और मार्किट ही नहीं बल्कि छोटी बड़ी दुकानों के साथ बाज़ार बंद कर दी गयीं।  १४४ धारा लगा दी गयी।  
                           ये चुनाव के पहले दहशत फैलाने से किसका फायदा होने वाला है ? ये जातिवाद की आग भड़काने वाले कौन हैं ? स्थानीय लोग तो बिलकुल भी नहीं है।  जरूरी सेवाओं वाले लोग घर में नहीं बैठ सकते हैं - फिर उनके घर वाले कैसे रह रहे हैं ? स्थिति नियंत्रण में है , लेकिन हमारे मन नियंत्रण में कब रहते हैं ?  हम एक दूसरे के लिए अपने मन में एक छुपा हुआ शक देख रहे हैं।  एक चोर हमारे मन में है कि कहीं दूसरा इसमें हमें भी तो दोषी नहीं समझ रहा है ? हम कब इन दंगों से मुक्त हो पाएंगे और ये अराजकतत्व कब तक गरीबों के मुंह से निवाला छीनने की साजिश रचते रहेंगे ? नहीं मालूम फिलहाल अभी भी स्थिति तनावपूर्ण किन्तु नियंत्रण में होने की घोषणा कर रही है। 

Thursday, April 10, 2014

वाराणसी लोकसभा चुनाव में आया एक नया मोड़ |

चर्चित विधायक मुख्तार अंसारी वाराणसी संसदीय सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगे। सांप्रदायिक ताकतों को हराने के लिए इसे कुर्बानी की संज्ञा देते हुए गुरुवार को कौमी एकता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि 17 अप्रैल के बाद तय होगा कि किस प्रत्याशी का समर्थन किया जाए। कौमी एकता दल के मंडल प्रभारी मो.सलीम के छावनी क्षेत्र स्थित आवास पर मीडिया से मुखातिब अफजाल अंसारी ने कहा कि 2009 में एक लाख 87 हजार वोट पाकर हम भाजपा के दिग्गज नेता मुरली मनोहर जोशी से कुछ हजार वोट से ही हारे थे।


 इसके बावजूद इस चुनाव में मुख्तार को न लड़वाकर हम कुर्बानी दे रहे हैं। दूसरी पार्टियों से हमने कई बार कहा कि नरेंद्र मोदी को हराने के लिए एक साझा उम्मीदवार खड़ा करें लेकिन अफसोस कि ऐसा नहीं हुआ। अफजाल अंसारी ने आरोप लगाया कि इससे साबित होता है कि कहीं न कहीं कुछ गैर भाजपाई दल भी नरेंद्र मोदी को चुनाव जितवाना चाहते हैं। बहरहाल 17 अप्रैल के बाद कार्यकारिणी की बैठक होगी। इसमें निर्णय लिया जाएगा कि नरेंद्र मोदी को हराने वाले किस प्रत्याशी का समर्थन किया जाए।

जौनपुर इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार मो0 अब्बास के पिता सैयद शबीहुल हसन का निधन

जौनपुर इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार मो0 अब्बास के पिता सैयद शबीहुल हसन उम्र 61 वर्ष पुलिस लाइन स्थित आवास पर गुरुवार की सुबह हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पत्रकारों के साथ स्थानीय नेता व कई सामाजिक संगठनों के लोगों ने पहुंचकर अपनी शोक संवेदना प्रकट किया। स्व0 शबीहुल हसन विगत कई वर्षों से पुलिस विभाग में एच.सी.एम.टी. पद पर कार्यरत थे और पिछले वर्ष ही वे सेवा निवृत्त हुये थे। उनके दो पुत्र पुलिस विभाग में अधिकारी हैं तथा दो पुत्र पत्रकारिता से जुड़े हैं। मृतक का अन्तिम संस्कार शुक्रवार को प्रातः 8 बजे आजमगढ़ स्थित पैतृक गाँव बसरा इमा, कप्तानगंज में होगा।


जौनपुर पत्रकार संघ की एक शोक सभा अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुयी। जिसमें स्व0 शबीहुल हसन के आकस्मिक निधन पर पत्रकारों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर मृतक की आत्मा को शान्ति दे तथा दुःख के इस घड़ी में परिवार को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। पत्रकारों ने 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। 
शोक सभा में वरिष्ठ पत्रकार लोलारक दूबे, राजेन्द्र सिंह, आई.बी. सिंह, कपिल देव मौर्य, राजकुमार सिंह, शशि मोहन सिंह क्षेम, डा0 मधुकर तिवारी, डा0 मनोज वत्स, अखिलेश तिवारी अकेला, वीरेन्द्र पाण्डेय, राकेश कान्त पाण्डेय, राजेश श्रीवास्तव, राजेश गुप्ता, जे. डी. सिंह, योगेश श्रीवास्तव, सतीश सिंह, दीपक उपाध्याय, रुद्र प्रताप सिंह, शशिराज सिन्हा, जय आनन्द, प्रमोद जायसवाल, ऋतुराज सिंह, जावेद अहमद, आरिफ हुसैनी, विश्व प्रकाश श्रीवास्तव, विद्याधर विद्यार्थी, अमित गुप्ता, यादवेन्द्र दूबे मनोज, राजन मिश्र, अमित गुप्ता, सुहैल असगर खान, सै0 अरशद अब्बास, मेराज अहमद, आशीष श्रीवास्तव, अजीत चक्रवर्ती, संजय शर्मा, विनोद विश्वकर्मा, संजय, आशीष श्रीवास्तव सहित अन्य पत्रकारगण मौजूद रहे। शोक सभा का संचालन महामंत्री हसनैन कमर दीपू ने किया। वहीं भोजपुरी सुपर स्टार रवि किशन, कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव, पूर्व मंत्री सुभाष पाण्डेय, डा0 के0 पी0 यादव, कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष हाजी सिराज मेहदी, जिला कांग्रेस कार्यकारिणी अध्यक्ष राजेश सिंह, उपाध्यक्ष फैसल हसन तबरेज, मो0 आजम, शिया इण्टर कालेज के प्रबन्धक नजमुल हसन नजमी, मीना गल्र्स कालेज के प्रबन्ध सै0 शमशीर हसन सहित अन्य लोगों ने स्व्0 हसन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
जौनपुर इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार मो0 अब्बास के पिता सैयद शबीहुल हसन उम्र 61 वर्ष पुलिस लाइन स्थित आवास पर गुरुवार की सुबह हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पत्रकारों के साथ स्थानीय नेता व कई सामाजिक संगठनों के लोगों ने पहुंचकर अपनी शोक संवेदना प्रकट किया। स्व0 शबीहुल हसन विगत कई वर्षों से पुलिस विभाग में एच.सी.एम.टी. पद पर कार्यरत थे और पिछले वर्ष ही वे सेवा निवृत्त हुये थे। उनके दो पुत्र पुलिस विभाग में अधिकारी हैं तथा दो पुत्र पत्रकारिता से जुड़े हैं। मृतक का अन्तिम संस्कार शुक्रवार को प्रातः 8 बजे आजमगढ़ स्थित पैतृक गाँव बसरा इमा, कप्तानगंज में होगा।


जौनपुर पत्रकार संघ की एक शोक सभा अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुयी। जिसमें स्व0 शबीहुल हसन के आकस्मिक निधन पर पत्रकारों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर मृतक की आत्मा को शान्ति दे तथा दुःख के इस घड़ी में परिवार को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। पत्रकारों ने 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। 

शोक सभा में वरिष्ठ पत्रकार लोलारक दूबे, राजेन्द्र सिंह, आई.बी. सिंह, कपिल देव मौर्य, राजकुमार सिंह, शशि मोहन सिंह क्षेम, डा0 मधुकर तिवारी, डा0 मनोज वत्स, अखिलेश तिवारी अकेला, वीरेन्द्र पाण्डेय, राकेश कान्त पाण्डेय, राजेश श्रीवास्तव, राजेश गुप्ता, जे. डी. सिंह, योगेश श्रीवास्तव, सतीश सिंह, दीपक उपाध्याय, रुद्र प्रताप सिंह, शशिराज सिन्हा, जय आनन्द, प्रमोद जायसवाल, ऋतुराज सिंह, जावेद अहमद, आरिफ हुसैनी, विश्व प्रकाश श्रीवास्तव, विद्याधर विद्यार्थी, अमित गुप्ता, यादवेन्द्र दूबे मनोज, राजन मिश्र, अमित गुप्ता, सुहैल असगर खान, सै0 अरशद अब्बास, मेराज अहमद, आशीष श्रीवास्तव, अजीत चक्रवर्ती, संजय शर्मा, विनोद विश्वकर्मा, संजय, आशीष श्रीवास्तव सहित अन्य पत्रकारगण मौजूद रहे। शोक सभा का संचालन महामंत्री हसनैन कमर दीपू ने किया। वहीं भोजपुरी सुपर स्टार रवि किशन, कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव, पूर्व मंत्री सुभाष पाण्डेय, डा0 के0 पी0 यादव, कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष हाजी सिराज मेहदी, जिला कांग्रेस कार्यकारिणी अध्यक्ष राजेश सिंह, उपाध्यक्ष फैसल हसन तबरेज, मो0 आजम, शिया इण्टर कालेज के प्रबन्धक नजमुल हसन नजमी, मीना गल्र्स कालेज के प्रबन्ध सै0 शमशीर हसन सहित अन्य लोगों ने स्व्0 हसन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

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