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    सोमवार, 8 मई 2017

    अरे कुछ सेहत का भी ध्यान रखें |


    आज कुछ स्वास्थ से सम्बंधित खबरें आपके लिए लाया हूँ जिन्हें ध्यान से पढ़ें और सेहत बनाएं |

     1. अधिक सोना :  नींद पूरी न होने के तो स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव होते ही हैं, लेकिन सामान्य से अधिक सोना भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।अमेरिका में होने वाले एक अध्ययन के अनुसार अत्यधिक सोना न केवल कई समस्याओं का कारण हो सकता है बल्कि इससे हृदय रोग ,  पक्षाघात, और मधुमेह सहित कई खतरनाक रोग भी पैदा हो सकते हैं।  शोध के अंतर्गत 50 हजार लोगों पर किए गए अध्ययन के परिणाम में यह बात सामने आई कि 6 घंटे से कम और 10 घंटे से अधिक सोने वाले लोगों में कई खतरनाक बीमारियों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।   विशेषज्ञों का कहना है कि सोने में संतुलन बहुत ज़रूरी है और जरा सी सावधानी और कुछ निर्देशों का पालन करके न केवल रोगों को दूर भगाया जा सकता है बल्कि यह एक स्वस्थ जीवन जीने में सहायक सिद्ध होता है।

    २. कम सोना :मेरिका की मिशीगन यूनिवर्सीटी और बाइलर यूनिवर्सीटी के संयुक्त शोध में यह बात सामने आई है कि नौजवानों विशेषकर मुटापे का शिकार युवाओं को अपर्याप्त नींद से कार्डियो मेटाबोलिज़्म का ख़तरा हो जाता है। ११ से १७ वर्ष के नौजवानों पर किये जाने वाले शोध में इस बात का पता चला है कि नींद की कमी के शिकार मोटे नौजवानों में कोलेस्ट्रोल, ब्लड शुगर और उच्च रक्तचाप का ख़तरा अधिक रहता है जो बाद में उनके दिल पर प्रभाव डालता है।शोध में कहा गया है कि शारीरिक रूप से अधिक गतिशील रहने के बावजूद अगर नींद पूरी न की जाये तो स्वास्थ्य को भारी ख़तरे हो सकते हैं। नींद पूरी न होने की कई हानियां हैं किन्तु एक नये शोध के अनुसार नींद की कमी महिलाओं के चेहरे पर झुर्रियां बढ़ाने का कारण भी बन सकता है। जी हां अमरीका में होने वाले एक शोध के अनार कम सोने वाली महिलाओं में बुढ़ापे के प्रभाव बहुत तेज़ी से दिखने लगते हैं जो उनकी त्वचा को समय से पहले बुढ़ापे का शिकार कर देती हैं। शोध के अनुसार पूर्ण नींद लेने वाली महिलाओं की त्वचा में ख़राबी काफ़ी तेज़ी से ठीक होती है और ऐसी महिलाएं स्वयं को सुन्दर भी समझती हैं। स्पष्ट रहे कि नींद की कमी मोटापे, मधुमेह, कैंसर और अन्य बीमारियों का कारण भी समझी जाती है किन्तु यह पहली बार है कि मनुष्य की त्वचा पर इसके हानिकारक प्रभाव सामने आये हैं।

    ३.मछली खाने के फायदे :विश्व में सभी लोग स्वस्थ और गतिशील बुढ़ापे के इच्छुक होते हैं। इसे व्यवहारिक बनाना कोई बहुत कठिन कार्य नहीं है।
    यदि आप ऐसा चाहते हैं तो मछली को अपने खाने का हिस्सा बना लें। जापान के नैश्नल इंस्टिट्यूट आफ़ हेल्थ के विशेषज्ञों ने एक शोध में इस रहस्य का पता लगाया है कि मछली को अपने खाने का भाग बनाने से बुढ़ापे में होने वाली मानसिक एवं शारीरिक बीमारियों से 39 प्रतिशत बचा जा सकता है।इस शोध से ज्ञात हुआ है कि मछली में मौजूद प्रोटीन और ओमेगा-थ्री, पुट्ठों को कमज़ोरी से बचाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मछली का प्रयोग जोड़ों के दर्द से भी सुरक्षित रखता है।

    ४. लहसुन खाने के फायदे :चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है लहसुन से प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है।इन विशेषज्ञों का कहना है कि लहसुन, शरीर को होने वाले बहुत से संक्रमणों से भी मनुष्य को सुरक्षित रखता है। अमरीका में किये गए एक शोध के अनुसार नज़ला-ज़ुकाम से सुरक्षित रखने में भी लहसुन प्रभावी भूमिका निभाता है।विशेषज्ञों के अनुसार लहसुन में सल्फ़र के ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जिनसे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जो विभिन्न बीमारियों से सुरक्षित करने में सहायता करते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार लहसुन के दैनिक प्रयोग से कैंसर का ख़तरा कम होता है।

    5.टमाटर की चटनी :चिकित्सा विशेषज्ञों ने एक नये शोध में बताया है कि एक या दो टमाटरों की ताज़ा चटनी हृदय रोग का ख़तरा कम करने में सहायक सिद्ध हो सकती है।इटली के वीरूना विश्वविद्यालय की शोध के अनुसार, प्रतिदिन 80 ग्राम टोमैटो सॉस का उपयोग रक्त कोशिकाओं पर अधिक वसा वाले भोजन के ख़राब प्रभाव को रोक कर उसे बेहतर करता है। शोध में बताया गया है कि टमाटर को लाल रंग देने वाला एंटी आक्साईडेंट तत्व लाइकोपेन कई चिकित्सा लाभों का कारण बनता है और हृदय रोग को रोकने में भी सहायक सिद्ध होता है। शोध के दौरान 20 लोगों में से दस को अधिक वसा वाले आहार के साथ इस चटनी का प्रयोग कराया गया जबकि अन्य को केवल सामान्य भोजन ही दिया गया। इससे सिद्ध हुआ कि रक्त कोशिकाओं से पैदा होने वाले हृदय रोग की रोक-थाम में टमाटर काफी सहायग सिद्ध होते हैं।

    6. संतरे के लाभ |संतरा एक स्वास्थ्यवर्धक फल है। इसमें काफ़ी मात्रा में विटामिन सी होता है। आयरन और पोटेशियम भी काफी होता है। संतरे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें विद्यमान फ्रुक्टोज़, डेक्स्ट्रोज़, खनिज एवं विटामिन शरीर में पहुंचते ही ऊर्जा देना प्रारंभ कर देते हैं। संतरे के सेवन से शरीर स्वस्थ रहता है, चुस्ती-फुर्ती बढ़ती है, त्वचा में निखार आता है तथा सौंदर्य में वृद्धि होती है। प्रस्तुत है इसके कुछ प्रयोग-

    * संतरे का एक गिलास रस तन-मन को शीतलता प्रदान कर थकान एवं तनाव दूर करता है, हृदय तथा मस्तिष्क को नई शक्ति व ताज़गी से भर देता है।

    * संतरे का नियमित सेवन करने से बवासीर की बीमारी में लाभ मिलता है। रक्तस्राव को रोकने की इसमें अद्भुत क्षमता है।

    * तेज़ बुख़ार में संतरे के रस का सेवन करने से तापमान कम हो जाता है। इसमें उपस्थित साइट्रिक अम्ल मूत्र रोगों और गुर्दा रोगों को दूर करता है।

    * दिल के मरीज़ को संतरे का रस शहद मिलाकर देने से आश्चर्यजनक लाभ मिलता है।

    * संतरे के ताजे फूल को पीसकर उसका रस सिर में लगाने से बालों की चमक बढ़ती है। बाल जल्दी बढ़ते हैं और उसका कालापन बढ़ता है।

    * संतरे के सेवन से दाँतों और मसूड़ों के रोग भी दूर होते हैं।

    * छोटे बच्चों के लिए तो संतरे का रस अमृततुल्य है। उन्हें स्वस्थ व हृष्ट-पुष्ट बनाने के लिए दूध में चौथाई भाग मीठे संतरे का रस मिलाकर पिलाने से यह एक आदर्श टॉनिक का काम करता है।

     * संतरे का सेवन जहाँ जुकाम में राहत पहुँचाता है, वहीं सूखी खाँसी में भी फायदा करता है। यह कफ़ को पतला करके बाहर निकालता है।

    * संतरे के ताजे फूल को पीसकर उसका रस सिर में लगाने से बालों की चमक बढ़ती है। बाल जल्दी बढ़ते हैं और उसका कालापन बढ़ता है। 
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