728x90 AdSpace

This Blog is protected by DMCA.com

DMCA.com for Blogger blogs Copyright: All rights reserved. No part of the hamarajaunpur.com may be reproduced or copied in any form or by any means [graphic, electronic or mechanical, including photocopying, recording, taping or information retrieval systems] or reproduced on any disc, tape, perforated media or other information storage device, etc., without the explicit written permission of the editor. Breach of the condition is liable for legal action. hamarajaunpur.com is a part of "Hamara Jaunpur Social welfare Foundation (Regd) Admin S.M.Masoom

  • Latest

    सोमवार, 23 जुलाई 2018

    जानिये " जौनपुर के जिन्न "का इतिहास |

     https://www.youtube.com/user/payameamnआज पूरी दुनिया के वैज्ञानिक इस बात पे शोध करने में लगे हैं की हम इंसानों जैसे या हमसे मिलते जुलते लोग अन्य ग्रहों  में मौजूद हैं या नहीं और इसी सिलसिले में ना जाने कितनी फिल्में और कहानियां हर दिन सामने आती रहती है |

    इस्लाम धर्म के अनुसार जिस प्रकार अल्लाह ने इंसानों को मिटटी से बनाया उसी प्रकार से जिन्न को आग और हवा से बनाया और यही कारण  है की वो प्रथ्वी पे भी है और अन्य ग्रहों पे भी पाया जा सकता है | इब्लीस जिसे आम भाषा में शैतान कहा जाता है और जिसके बारे में मशहूर है की वो इंसानों को बहकाता और गुमराह करता है अल्लाह का नाफरमान जिन्न है जिसे क़यामत तक की मोहलत  अल्लाह ने दी है |

    सबसे पहले जानते हैं की जिन्न कैसे होते हैं ?

    जिन्न हम इंसानों की तरह भले भी होते हैं और बुरे भी इसी कारण कुरान में ज़िक्र है की कुरान की हिदायतें और नबी केवल इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि जिन्न के लिए भी आये हैं | जिन्न के पास हम इंसानों की तरह शरीर भी होता है , आत्मा भी और जन्म और म्रत्यु भी |  जिन्न का ज़िक्र कुरान में २२ बार हुआ है और जिन्न शब्द के मायने होते हैं छुपा हुआ लेकिन ये धुंवा रहित आग से बना होने के कारण जब चाहें इंसानों को दिखाई दे सकता है और जब चाहे छुपा रह सकता है | जिन्न, भूत , प्रेत ,आत्मा जैसे यकीन और उनसे जुडी कहानियां दुनिया भर में सुनी और सुनाई जाती हैं | शायद जिन्न देखने पे जो लोग इस्लाम धर्म को नहीं मानते  उसे आत्मा , भूत प्रेत का नाम दे देते हों ? हम इंसानों को जिन्न के होने का यकीन पूरी तरह हो या ना हो ,या इनके भले काम करने के बारे में यकीन हो या ना हो लेकिन  इन नामो  से दिल में एक डर सा  पैदा अवश्य हो जाता  है | जिन्न का साया और जादू, आत्मा का साया जैसे बातों को समाज में फैला के और इन नामों के सहारे परेशान व्यक्तियों से धन काट के लखपति और करोडपति मुल्ला पंडितों को इस जिन्न के नाम ने ही बनाया है | ये कोई आवश्यक नहीं की जो आज हमें नहीं मालूम उसका कोई वजूद ही नहीं होगा



    जौनपुर के जिन्न और उनसे जुडी कहानियां |


     जौनपुर मे भी आपको जिन्न से जुडी कहानिया बुजुर्ग लोग मिल जायेगे और हमाम दरवाज़े स्थित जिन्ननातो वाली मस्जिद तो मशहूर है ही | उस मस्जिद के बारे में मशहूर है की उसके कुंवे में जिन्न रहा करते हैं |  जौनपुर सूफी संतों का शहर रहा है और यह सूफी अक्सर जिन्न से बातें किया करते थे | आज भी बहुत से खुशबूदार फूलों के पेड़ ऐसे हैं जिनका फूल कोई इसलिए नहीं तोड़ता की उसमे जिन्न वास करते हैं | लेकिनं आज से ९०-१०० वर्ष पहले जिन्न भारत से यह कहके चले गए की यह अब रहने वाली जगह नहीं रही | शायद आबादी के बढ़ जाने से उन्हें दिक्कत हुआ करती थी | लेकिन फिर भी कुछ जिन्न बचे हुए हैं जो अक्सर सुनसान जगहों पे पूरे परिवार के साथ वास करते हैं और कभी कभी इंसानों को दिखाई भी देते हैं |

    मशहूर है की काली बिल्ली को नहीं मारना चाहिए क्यूँ की जिन्न अक्सर काली बिल्ली की शक्ल में आते हैं | हमारे समाज में बहुत से जादू टोन वाले गलत अमल से जिन्न को काबू क्र लेते हैं जिसे उनकी भाषा में मुअक्किल कहते हैं | उन्ही जिन्न के ज़रिये वो आने वाले परेशां लोगों के बारे में वो बातें बता देते हैं जिन्हें एक आम इंसान नहीं जान सकता लेकिन ऐसे इंसानों का अंत भी उन्ही जिन्न के हाथों किसी हादसे में हो जाया करता है |

    शिया समुदाय में जिन्नों के बादशाह जाफ़र ऐ जिन्न का नाम बहुत मशहूर है जिसने कर्बला में इमाम हुसैन (अ.स ) की शहादत को सं ६१ हिजरी में अपनी आँखों से देखा था और  पूरे जीवन रोता रहता था जिसका इन्तेकाल सं १९८५-८६ में हुआ |




    वैज्ञानिक अपने तरीके से रिसर्च करने में लगे हैं और संभव है की एक दिन वो जिन्न के होने का प्रमाण पेश कर दें और जिन्न कहानियों की दुनिया से बहार निकल के हमारे सामने  आ जाएँ | लेकिन ये भी सत्य है की जिस दिन जिन्न का वजूद सामने आया आत्मा और जिन्न का साया का खौफ इंसानों के दिल से अवश्य निकल जायगा | और जब तक ऐसा कोई सुबूत सामने नहीं आता तब तक मुसलमानों को जिन्न के वजूद पे यकीन और अन्य का अलाउद्दीन का जिन्न और जिन्न परियों की कहानियों का मज़ा लेते रहने में क्या हर्ज है ?

     Chat With us on whatsapp

     Admin and Founder 
    S.M.Masoom
    Cont:9452060283
    • Blogger Comments
    • Facebook Comments

    0 comments:

    टिप्पणी पोस्ट करें

    हमारा जौनपुर में आपके सुझाव का स्वागत है | सुझाव दे के अपने वतन जौनपुर को विश्वपटल पे उसका सही स्थान दिलाने में हमारी मदद करें |
    संचालक
    एस एम् मासूम

    Item Reviewed: जानिये " जौनपुर के जिन्न "का इतिहास | Rating: 5 Reviewed By: S.M.Masoom
    Scroll to Top