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    मंगलवार, 17 जुलाई 2018

    चिठिया जाली न समझल सईया हाली आय ना |

    ला भईया लोगे एक्दाम्मई चउचक नाच देखावत बाटी अगर  मजा न आवई ता पैसा वापिस ई नाच बड़े सुभ अवसर पे नाऊ ठाकुर लोग करथें. ई नाऊ ठाकुर क नाम "चनिका " अहई . यही गाना में एक्खी मेहरारू  अपने मंसेधू के चिट्ठी भेजे बा अऊर कहत बा की हमार चिट्ठी जाली जिन समुझ बलमू  हाली परदेस से चला आया .
    हम तोहार सभे के टाइम एम्मे न ख़राब करब अब चनिका जी के नाच देखा और कमेन्ट लिखी जिन भूला.
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    5 comments:

    1. ha ha ha fagun me to isse badhiya mauj aur kaha aayega
      ha ha ha
      ekdam jaunpuriya

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    2. अस्द्क्ल्ज्क ज़्क्क्ज्ल्फ़ौउतूएऊओम्म्म ज्जह्हक्किइअ
      उज्ज्जह्ह्क्क ल्लिक्क्कज उज्जह्ब्ब्फ़्क्लल्ल ओविइवि

      कैसा लगा जी गीत हमारा।
      ये हाँगकाँग का होली गीत है। ही ही।

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    3. बेहतरीन..होली के रंग में और भी खूबसूरत !!

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    Item Reviewed: चिठिया जाली न समझल सईया हाली आय ना | Rating: 5 Reviewed By: PAWAN VIJAY
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