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    रविवार, 6 अगस्त 2017

    तेरी रक्षा का प्रण बहना रग-रग में राखी दौडाई


    hindi-raksha-bandhan2


    बहना मेरी दूर पड़ा मै 
    दिल के तू है पास 
    अभी बोल देगी तू “भैया” 
    सदा लगी है आस 
    ——————- 
    मुन्नी -गुडिया प्यारी मेरी 
    तू है मेरा खिलौना 
    मै मुन्ना-पप्पू-बबलू हूँ 
    बिन तेरे मेरा क्या होना ! 
    ————————— 
    तू ही मेरी सखी सहेली 
    कितना खेल खिलाया 
    कभी -कभी मेरी नाक पकड़ के 
    तूने बहुत चिढाया ! 
    ——————– 
    थाली में तू अपना हिस्सा 
    चोरी से था डाल खिलाया 
    जान से प्यारी मेरी बहना 
    भैया का गहना है बहना !! 
    —————————- 
    जब एकाकी मै होता हूँ 
    सजी थाल तेरी वो दिखती 

    चन्दन जभी लगाती थी तू 
    पूजा- मेरी आरती- करती ! 
    रक्षा -बंधन और मिठाई 
    दस-दस पकवान पकाती थी 
    —————————– 
    बाँध दिया बंधन से तूने 
    ये अटूट रक्षा जो करता 
    मेरी बहना सदा निडर हो 
    ख़ुशी रहे दिल हर पल कहता 
    ——————————-

    जहाँ रहे तू जिस बगिया में 
    हरी-भरी हो फूल खिले हों 
    ऐसे ही ये प्यारा बंधन 
    सब मन में हो -गले लगे हों 
    ——————————- 
    तू गंगा गोदावरी सीता 
    तू पवित्र मेरी पावन गीता 
    तेरी राखी आई पाया 
    चूम इसे मै गले लगाया 
    —————————– 
    कितने दृश्य उभर आये रे 
    आँख बंद कर हूँ मै बैठा 
    जैसे तू है बांधे राखी 
    मन -सपने-उड़ता मै “पाखी” 
    ——————————— 
    तेरी रक्षा का प्रण बहना 
    रग-रग में राखी दौडाई 
    और नहीं लिख पाऊँ बहना 
    आँख छलक मेरी भर आई 
    ——————————— 
    सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर 
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    3 comments:

    1. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल शुक्रवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!
      यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

      जवाब देंहटाएं
    2. तू गंगा गोदावरी सीता
      तू पवित्र मेरी पावन गीता
      तेरी राखी आई पाया
      चूम इसे मै गले लगाया
      बहुत सुंदर भाव लिए बहन के प्यार को दर्शाती दिल के भावनाओं से लिखी बहुत ही मार्मिक रचना/आपने तो अपनी बहन पर अपना पूरा स्नेह ही रचना के माध्यम से बता दिया /बधाई आपको इतनी अच्छी रचना के लिए /



      please visit my blog.thanks.

      जवाब देंहटाएं
    3. वाह वाह...
      बहुत सुन्दर भावनाएं अभिव्यक्त हुयी हैं इस प्रस्तुति में...
      सादर बधाई..

      जवाब देंहटाएं

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    Item Reviewed: तेरी रक्षा का प्रण बहना रग-रग में राखी दौडाई Rating: 5 Reviewed By: SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR5
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