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    बुधवार, 10 दिसंबर 2014

    किसी मानव की संवेदनाओं, संचेतनाओं को ठेस पहुंचाना ही मानवाधिकारों का उलंघन है।-डा. पीसी विश्वकर्मा


    - भाषण प्रतियोगिता में अनम बेग प्रथम

    जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मानवाधिकार दिवस के अवसर पर बुधवार को संगोष्ठी भवन में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने कहा कि पृथ्वी पर सभी मानवों को अधिकार मिला हुआ है। इसकी रक्षा करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य होना चाहिए। किसी मानव से जाति, धर्म, लिंग के कारण भेदभाव करना मानवाधिकार का हनन है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की सोच थी कि हमें ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए जो हमें नहीं पसंद है। अगर इस बात का अमल हम अपने जीवन में करें तो निश्चित तौर पर हर मानव के सम्मान की रक्षा होगी। उन्होंने मानवाधिकार दिवस पर छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों को शपथ भी दिलाया।

    कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता विधि विशेषज्ञ डा. पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि किसी मानव की संवेदनाओं, संचेतनाओं को ठेस पहुंचाना ही मानवाधिकारों का उलंघन है। रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से अगर आम आदमी वंचित होता है तो वह भी मानवाधिकार के उलंघन की श्रेणी में आता है। सरकार की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि उनके मानवाधिकारों की रक्षा करें और उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि संकायाध्यक्ष डा. इश्यिाक अहमद ने कहा कि आज एक तरफ हमारा देश प्रतिदिन विकास के नये पथ पर आगे बढ़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ संवेदनशीलता में कमी आ रही है, यह चिंताजनक है। सड़क पर दुर्घटना के बाद तड़पते व्यक्ति से मुंह फेरना भी आज समाज का एक सच है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व कुलपति प्रो. डीडी दुबे ने कहा कि मानव के जीवन में हस्तक्षेप होने पर उसके जीवन का आनंद समाप्त हो जाता है। आज उत्कृष्ट मानवीय मूल्यों को बनाने की आवश्यकता है। अगर हम किसी को किसी भी प्रकार से पीड़ा पहुंचाते है तो वह उसके मानवाधिकारों के हनन का मामला बनता है। इसके पूर्व परिसर के विद्यार्थियों के लिए मानवाधिकार  भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। प्रतिभागियों ने मानवाधिकार के विभिन्न पहलुओं पर अपनी बात रखी।

    भाषण प्रतियोगिता में प्रथम अनम बेग, द्वितीय नीतिश श्रीवास्तव एवं तृतीय मेधाश्री रही। धन्यवाद ज्ञापन डा. अजय प्रताप सिंह एवं संचालन डा. एचसी पुरोहित ने किया। इस अवसर पर डा. मानस पाण्डेय, डा. एसके सिन्हा, डा. अजय द्विवेदी, डा. प्रदीप कुमार, डा. अविनाश पार्थडिकर, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. एसपी तिवारी, डा. सुशील कुमार, डा. अवध बिहारी सिंह, डा. आशुतोष सिंह, डा. सुनील कुमार, डा. रूश्दा आजमी, डा. सुशील सिंह, डा. आलोक सिंह, अंशुमान समेत परिसर के विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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    Item Reviewed: किसी मानव की संवेदनाओं, संचेतनाओं को ठेस पहुंचाना ही मानवाधिकारों का उलंघन है।-डा. पीसी विश्वकर्मा Rating: 5 Reviewed By: S.M.Masoom
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