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    शुक्रवार, 31 मार्च 2017

    विकलांगता के बंधन को तोड़ते कलाकार रियाज़ अरशद जिसे सराहा अटल बिहारी बाजपेयी ने |

    कलाकार रियास अरशद के साथ |
    अक्सर लोगों को ऐसा महसूस हुआ करता है की कोई यदि विकलांग है तो वो जीवन में कुछ नहीं कार सकता लेकिन पटना निवासी जनाब रियाज़ अरशद ने अपनी कला से यह साबित कर दिया की यदि दिल में लगन हो कुछ करने की तो विकलांगता के बन्धनों को आसानी से तोड़ा जा सकता है |

    रियाज़ अरशद जिस कला के माहिर हैं उस कला का  इस्तेमाल करने वाले और उसके माहिर पूरे विश्व में दूसरा कोई नहीं |  अरशद साहब का हुनर  ये है की यह अपनी सोंच और अपनी कला को गेंहू की डंठल से पेश करते हैं | आज गेहूं की उस डंठल जिसे फ़ेंक दिया जाता है उस से कोई भी चित्र बनाना हो या लिखना हो तो अरशद रियाज़ साहब को समय नहीं लगता और चित्र या लेखनी ऐसी होती है की बड़े बड़े कलाकार उतनी सफाई से नहीं लिख सकते और  बहुत बार यह धोका हो जाता है की छपाई है या हाथ का  कमाल |


    अरशद का बनाया पहला चित्र 
    अरशद साहब बताते हैं की जब वो छोटे थे तब उन्होंने स्कूल की एक प्रतियोगिना में घास से एक चित्र बनाया था जिसे स्कूल में सराहा गया और उसके बाद करीब ३२ साल पहले उनके नाना ने यह विचार उनके दिमाग में डाले की तुम यदि घास से चित्र बना सकते हो तो गेंहू की  डंठल से भी बना पाओगे और अरशद ने यह काम कर दिखाया |
    वो दिन और आज का दिन अरशद साहब ने इस इस गेहूं की डंठल का कमाल कभी साईं बाबा के चित्र बना के, कभी मदर टेरेसा के चित्र बना के तो कभी अल्लाह मुहम्मद और ॐ लिखा के तो कभी गणपति बना के दिखाते रहे |

    इनके हुनर की खबर लोगों तक जब फैलने लगी तो एक हाथ से विकलांग अरशद साहब को अखबार वालों ने पहचाना और फिर तो इन्हें पुरस्कार पे पुरस्कार मिलने लगे | भारत के पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी बाजपेयी तो अरशद साहब के हुनर के ऐसे मुरीद हैं की इनकी बनायी एक तस्वीर अपने घर पे लगा रखी है और जब कभी अरशद साहब दिल्ली जाते हैं तो वो अटल बिहारी बाजपेयी जी के मेहमान हुआ करते हैं |


    भारत के पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के घर में लगा यह चित्र |
    लेकिन इस प्रतिभा को आज भी एक पहचान की ज़रुरत है जिस से पूरी दुनिया के लोग इस कला का फायदा उठा सकें और कलाकार को  भी सराहा जा सके | अरशद साहब का कहना है की अक्सर कुछ रईस लोग उके पास आते हैं और लाख दो लाख की तस्वीरें अपने ड्राइंग रूम के लिए बनवाते हैं लेकिन आम लोगों के बीच इस कला के जानकार कम है जबकि १०००-२०० से ले कर लाखों तक की तस्वीर इस हुनर से बनायी जा सकती है |

    भारत के पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का अपने हाथों लिखा पत्र |

    गेहूं की डंठल जिस से बनता है ये सब चित्र 

    साईं बाबा का गेहूं की डंठल से बनाया चित्र 

    गेहूं की डंठल से लिखा ॐ 

    कलकार रियाज़ साहब अपनी हुनर के कमरे में |

    गेहूं की डंठल से बना गणपति 
    अरशद रियाज़ से लिए गए इंटरव्यू को एक बार अवश्य सुनिए | कलाकार से संपर्क करने के लिए 
    9304235476  , 9708067282


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