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    बुधवार, 3 जनवरी 2018

    शाही पुल के शाही हम्माम के रहस्य आज आप भी जानिए |

    नगर को दो भागों में विभाजित करने वाला ,गोमती नदी पे बने ऐतिहासिक शाही पुल का र्नि‍माण अकबर के शासनकाल में उनके आदेशानुसार सन् 1564 ई० में मुइन खानखाना ने करवाया था। 
     स्नानगृह
    ये बहुत ही सुन्दर और भारत का अनूठा पुल है और विश्व का पहला पुल जिसकी मुख्‍य सड़क पृथ्‍वी तल पर र्नि‍मित है। इस पुल से जुडी बहुत से कहानियां हैं और किवदंतियां मशहूर है | जैसे शाही पुल के बीच में स्थित गज सिंह मूर्ती किले से मिली और कुछ लोग कहते हैं गोमती से मिली | इसी प्रकार पुल के पांचवे ताख पे बनी दो मछलियों और छ्टे ताख पे बने दो घोड़ों का रहस्य या गोमती किनारे पुल के मध्य में बने शिव मंदिर या उत्तरी किनारे पे बनी लाल शाह की मस्जिद का रहस्य जिसे समय समय पे आपके सामने हमारा जौनपुर डॉट कॉम लाता रहा है और आगे भी प्रमाणिक इतिहास कारों की ज़बानी लाता रहेगा |


    इन्ही रहस्यों में से एक रहस्य है शाही पुल के नीचे कसेरी बाज़ार वाले छोर जिसे पुल का उत्तरी छोर कहा जाता है वहां पे स्थित शाही हम्माम जिसका आज नाम ओ निशाँ नहीं दिखता |  शाही पुल से जुडा एक शाही हम्माम मुइन खानखाना ने इस पुल के निर्माण के साथ साथ १५६४ ई में शुरू करवाया था और पुल का निर्माण पूरा होने पे यह भी बन के पूरा हो गया |  इतिहासकारों के अनुसार इस स्नानग्रह की बनावट बहुत ही सुंदर थी और यह शाही पुल के उत्तरी छोर पे शाही पुल के नीचे स्थित है  |यह शाही हमाम नगर अपने तरीके का सबसे पहला हम्माम था जिसका पानी हमेशा गर्म रहा करता था और नगरवासियों और मुसाफिरों के लिए हमेशा खुला रहता था और देख रेख के लिए कर्मचारी नियुक्त थी जो यहाँ की साफ़ सफाई का ख़ास ध्यान रखा करते थे | नवाब सादत अली खा ने इसके खर्च में कटौती कर दी फिर भी अन्य साधनों से इसके खर्च की पूर्ती की जाती रही लेकिन नवाब मसूर खा ने जब इसमें स्नान किया तो उन्हें इसकी अहमियत का अंदाजा हुआ तो उन्होंने कुछ लोगों को नियुक्त किया लेकिन बाद में उन लोगों ने भी कुछ दिन इसका इस्तेमाल अपने लिए किया और बाद में खर्चा पूरा न हो सकने के कारण इसे बंद कर दिया गया | आज इस बंद स्नानगृह के ऊपर चूड़ी का बाज़ार लगता है | किवदंतियों की माने तो मशहूर है की इस स्नानग्रह का द्वार पहले खुला था लेकिन दो लोग इसके अंदर गिर गए जिनका पता नहीं चला तो यह बंद करवा दिया गया | इस शाही हम्माम को फिर से खुलवाने पे बहुत से राज़ खुल सकते हैं |

    लेखक एस एम् मासूम




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    1 comments:

    1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन सतीश धवन और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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