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    गुरुवार, 25 सितंबर 2014

    जौनपुर के शाही महल और कोठियां -राजा जौनपुर का शाही महल |


    जौनपुर के शाही महल और कोठियों की बात की जाए तो सबसे पहले बात राजा  जौनपुर के  शाही महल की होगी  जो आज भी शान से अटाला मस्जिद से थोड़ी दूर राजा  बाज़ार में अपनी शान बयान कर  रही है | इस कोठी के दो हिस्से हैं जिसमे  बाहरी महल और अंदर का परिवार वालों के रहने का इलाका है |

    महल का अंदरूनी गेट 
    जौनपुर रियासत की स्थापना तीन नवंबर १९९७ में शियो लाल दुबे जी ने की जो एक धनी बैंकर श्री मोती लाल दुबे के पुत्र थे | शिव लाल दुबे जी अमौली फतेहपुर के रहने वाले थे |१७९७ में उन्हें ताल्लुका बदलापुर “राजा बहादुर “ के खिताब के साथ मिला | उनकी म्रत्यु 90 वर्ष की आयु में सन १८३६ में हो गयी ,उस समय रायपुर राज्य आजमगढ़,बनारस,गोरखपुर,मिर्ज़ा पुर तक पहिल चुकी थी | राजा शिव लाल दत्त की म्रत्यु के बाद उनके पौत्र राजा राम गुलाम जी ने राज्य का काम काज संभाला जबकि उनके पिता राजा बाल दत्त जी अभी जिंदा थे |

    राजा राम गुलाम जी की म्रत्यु सन १८४३ में हुई और उनके पिता राजा बाल दत्त ने राज्य की ज़िम्मेदारी संभल ली |रजा बाल दत्त के बाद उनके दुसरे पुत्र लछमन गुलाम राजा बने लेकिन उनकी कोई संतान न होने के कारण सन १८४५ में राजा बाल दत्त की पत्नी रानी तिलक कुंवर के साथ में राज पाट का काम आ गया |

    १९१६ में राजा श्री कृष्ण दत्त १९४४ में राजा यद्वेंदर दत्त ने इसके देख भाल की और आज के दौर में १९९९ से राजा अवनींद्र दत्त इस राज्य की देख भाल कर रहे हैं |

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    Item Reviewed: जौनपुर के शाही महल और कोठियां -राजा जौनपुर का शाही महल | Rating: 5 Reviewed By: S.M.Masoom
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