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    बुधवार, 12 अक्तूबर 2016

    जौनपुर आस पास में आशूरा के दिन शिया सुन्नी ने ऐसे नजराना ऐ अकीदत पेश की |

    शब् ऐ  आशूर जौनपुर  ज़िले के कलापुर गाँव में शोहदाए कर्बला के शैदाइयों ने हजरते इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत वाली रात पूरी शिद्दत से मनाई।
    रात भर इबादत और दुआ में गुजारी। वही दूसरी तरफ अंगारे के मातम के दौरान कलापुर के ही निवासी उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के चेयरमैन पूर्व एम् एल सी सिराज मेहदी ने  तबल बजा कर पूरा माहौल ग़मगीन कर दिया । जिसके बाद दहकते अंगारे का मातम किया। इमामबाड़ों में मजलिसें हुईं ।


    श्री सिराज मेहदी ने बताया कि नौंवी मोहर्रम की रात ही मैदाने कर्बला (इराक) में हक की हिफाजत के लिए इमाम हुसैन और उनके साथियों ने तत्कालीन बादशाह यजीद की फौज से मोर्चा लिया था। 10 मोहर्रम को इमाम हुसैन कर्बला के तपते हुए जंगल में शहीद हुए । इसी अज़ीम शहादत की याद में आज लोग इमाम हुसैन के परिजनों को पुरसा दे रहे है ।
    कुन्टलो लकड़ी से तैयार हुए दहकते अंगारे पर कलापुर गांव में आग का मातम हुआ। जिसके बाद लोगो ने गांव के सभी इमाम बरगाहो में जाकर ज़ियारत की । कई स्थानों पर चाय आदि के लंगर हुए।

     आज रोज़े आशुरा है,आज ही के दिन कर्बला के मैदान में  हज़रत इमाम हुसैन व उनके 72 साथियों ने हक व मानवता की रक्षा के लिए आपना सर कटा दिया था ,पर ,यजीदी हुकूमत के आगे सर नहीं झुकाया,उन्ही की याद में जौनपुर में आज़दारो ने पूरी रात नौहा मातम करने के बाद जुलूस निकाल  कर ताजीयो को नगर के बेगमगंज स्थित सदर इमामबाड़ा कि कर्बला में  ले जा कर सुपुर्दे खाक कर नजराने अकीदत पेश किया ,हर तरफ बस या हुसैन या हुसैन की सदा सुनायी दे रही थी
    vo 1-  हाथो में अलम लिए हुवे ये अज़ादार आज उस मजलूम इमाम हुसैन का गम मानाने के लिए निकले है जिन्हें 1400 साल पहले यज़ीदी हुकूमत ने तीन दिन का भूखा प्यासा शहीद कर दिया था यहाँ तक की 6 माह के बच्चे अली असगर को भी ज़लीमो ने प्यासा ही शहीद कर दिया था ,अज़ादार या हुसैन या हुसैन की सदा लगते हुवे ताजियों को कंधो व सर पर रख कर सदर इमामबाड़े ले गए जहा पूरी अकीदत के साथ सुपुर्दे खाक केर दिया गया ,बच्चे हो या फिर महिलाये सभी इमाम हुसैन के गम में डूबे नज़र आए यहाँ लोग ज़ंजीर व छुरियो से मातम कर अपना लहू बहा रहे थे ,हिन्दू अज़ादार भी यहाँ मोजूद थे

    अहले सुन्नत वाल जमात ने आशूरा कुछ ऐसे मनाया |

    अंजुमन फैजान ऐ इस्लाम कलीचाबाद के सौजन्य से जामा मस्जिद कलीचाबाद में हजरत हुसैन रजी ० के शहदात के दिन के अवसर पे एक अजीमुशान जलसे का आयोजन किया गया जिसमे हजरत मौलाना वसीम अहमद शेरवानी लाल दरवाज़ा जौनपुर ने कर्बला के शहीदों और हुसैन रजी ० की शहादत पे रौशनी डाली और कैसे हुसैन रजी ० ने अपनी जान दे के नमाज़ को बचाया |

    आरिफ पेश इमाम मस्जिद बलुवाघाट  ,और  हजरत मौलाना कासमी हरदोई ने तक़रीर पेश की और शोरा  इकराम ने  हुसैन रजी ० की शान में कलाम पेश किये |
    कारी जिया साहब से बेहतरीन अंदाज़ में अपने कलाम हुसैन रजी ० की शान पे पेश किये |


    कड़ी सुरक्षा के बीच निकला खेता  सराय में यौम-ए-आशूरा का  जुलूस,,,सुरेश कुमार 

    खेतासराय (जौनपुर) 12 अक्टूबर      कस्बा में मोहर्म की दसवीं को सुन्नी समुदाय द्वारा ताजिये के साथ यौम-ए-आशूरा का जुलूस निकाला गया।जिसमें एक दर्जन ताजियेदार शामिल रहे।देर शाम ताजिये को कर्बला में दफन किया गया।


    दोपहर में विभिन्न चौक से ताजियेदार ताजिये के साथ तबल बजाते फातिमान गेट पर पहुंचे।जहां फातिहा पढ़ने के बाद जूलुस एक साथ कर्बला के लिये प्रस्थान किया।जुलूस में शामिल अखाड़ा रौनके इस्लाम और अखाड़ा भुलई शाह के फनकार करतब दिखाते चल रहे थे।देर शाम जुलूस कर्बला पहुंचा।ताजियों को ठंडा करने के बाद ताजियेदार अपने चौक पर वापस गये।जिसमें पूरब मोहल्ला, सराय, कासिमपुर, बरतल, बारा,निराला चौक,अजानशहीद, डोभी कासिमपुर, शाहापुर आदि चौक के ताजियेदार शामिल रहे।जुलूस खत्म होने तक एडीएम उमाकांत त्रिपाठी, एएसपी सिटी रामजी सिंह यादव, एसडीएम रामसकल मौर्य, सीओ महेन्द्र सिंह देव भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।जुलूस में पूर्व चेयरमैन वसीम अहमद, मो.असलम खान, मजहरुल इस्लाम, शमीम अहमद, तबरेज, शकील आतिश , इंतज़ार आतिश,  मोहम्मद रज़ा, अलीमुद्दीन, सेराज, गयास अहमद आदि रहे।






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