728x90 AdSpace

This Blog is protected by DMCA.com

DMCA.com for Blogger blogs Copyright: All rights reserved. No part of the hamarajaunpur.com may be reproduced or copied in any form or by any means [graphic, electronic or mechanical, including photocopying, recording, taping or information retrieval systems] or reproduced on any disc, tape, perforated media or other information storage device, etc., without the explicit written permission of the editor. Breach of the condition is liable for legal action. hamarajaunpur.com is a part of "Hamara Jaunpur Social welfare Foundation (Regd) Admin S.M.Masoom
  • Latest

    बुधवार, 8 जनवरी 2014

    जौनपुर मुहर्रम- सफ़र वर्ष २०१३-१४ अब ख़त्म होने को है |

    जब मुहर्रम आता है हुसैनी अलम ताजिया लिए नौहा मातम करते पूरी दुनिया में दिखने लगते हैं |यह यकीनन सोंचने  की बात है की कर्बला का वाकेया आज १४०० साल पुराना है फिर भी इमाम हुसैन (अ.स) के चाहने वाले इसे ऐसे मनाते है जैसे यह अभी कल की ही बात हो | क्यूँ? 

    इमाम हुसैन (अ.स) का ग़म जौनपुर में बड़े जोश से मनाया जाता है जिसमे हिन्दू मुसलमान शिया सुन्नी सभी शामिल हुआ करते हैं | मुसलमानों ने पहली मुहर्रम को जो ताजिया सजाया था  उसे तो 10 मुहर्रम जिसे आशूरा भी कहते हैं ,के दिन दफन कर दिया जाता है लेकिन दो महीने आठ दिन तक यह इमाम हुसैन का दुःख मनाया जाता है  | इन दिनों में मुसलमान काले कपडे पहने दुनिया के  हर देश की तरह जौनपुर में भी नज़र आयेगे| जगह जहग शब्बेदारी, जुलुस अज़ादारी ,मजलिस का सिलसिला इन दो महीने आठ दिन तक चलता रहता है जिसमे बहुत से ख़ास दिन जैसे आशूरा, इमाम का दसवां, चौबीसवां,चालीसवां,28 सफ़र इत्यादि ख़ास होते हैं | 

     जौनपुर की अज़ादारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए जौनपुर अज़ादारी की वेबसाईट पे आप जा के जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |

    इमाम हुसैन (अ.स) की शक्सियत किसी धर्म की जागीर नहीं बल्कि इमाम हुसैन (अ.स) सभी इंसानों के दिलों पे राज करते हैं|

    चलिए देखते हैं इस मुहर्रम की कुछ झलकियाँ |

    Chaand Raat
    ज़ुल्जिनाह जिसने वफादारी की मिसाल कर्बला में कायम की |

    Majlis at Khalis Mukhlis masjid jaunpur
    बाज़ार भुआ जौनपुर इमामबाडा 
    मुफ़्ती मुहल्लाह दरियावाला चेहल्लुम 







    9 रबिउल्व्वल ज इस वर्ष ११ जनवरी को पड़ रहा है नवासा ए रसूल हजरत इमाम हुसैन (अ.स) की शहादत का दुःख मना रहे मुसलमान काले उतार के खुशियाँ मनायेंगे और जिन मुसलमान महिलायों ने अपने सुहाग की निशानी चूड़ियां उतार दी थीं फिर से पहन के ईद ऐ मिलादुन नबी की तैयारी शुरू कर देंगी और दुआ करेंगे अगले वर्ष इतना जीवन और मिले की इमाम हुसैन (अ.स) का ग़म फिर मन सकें और अज़ादारी में शिरकत कर सकें |

    बचे तो अगले बरस हम हैं और यह ग़म है ,जो चल बसे तो यह अपना सलाम ऐ आखिर है |

    • Blogger Comments
    • Facebook Comments

    0 comments:

    टिप्पणी पोस्ट करें

    हमारा जौनपुर में आपके सुझाव का स्वागत है | सुझाव दे के अपने वतन जौनपुर को विश्वपटल पे उसका सही स्थान दिलाने में हमारी मदद करें |
    संचालक
    एस एम् मासूम

    Item Reviewed: जौनपुर मुहर्रम- सफ़र वर्ष २०१३-१४ अब ख़त्म होने को है | Rating: 5 Reviewed By: S.M.Masoom
    Scroll to Top