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    रविवार, 4 सितंबर 2011

    ऐतिहासिक भादव छठ मेंला- खाजे का मेला

    जौनपुर में ऐतिहासिक भादव छठ मेंला शुरू हो गया है। पांच दिनों तक चलने वाले इस मेले में घर गृहस्थी और कृषि यन्त्रों की भव्य दुकाने लगायी गयी हैं। इस बहुउद्देशीय मेले का उद्घाटन प्रदेश के कैबिनेट मंत्री जगदीश नारायण राय और बीर बहादुर सिंह पूर्वाचंल विश्विद्यालय के कुलपति सुन्दर लाल ने किया।

    जौनपुर मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूरी पर सरायखाजा गांव में लगा यह भादव छठ का मेला जौनपुर का पूरा इतिहास समेटे हुए हैं। बड़े बुजुर्ग बताते है कि वैदिककाल में किसी ऋषि का आश्रम इस सरोवर के किनारे था। एक दिन चर्मरोग से पीडि़त एक महिला बाबा के शरण में आयी और उनसे इस रोग से छुटकारे दिलाने की गुहार लगायी। बाबा ने इसी तालाब स्नान करने की सलाह दिया। बाबा के आदेश पर महिला कुण्ड में डूबकी लगायी। जिससे उसे तुरन्त राहत मिल गया तभी से चर्मरोगी इस कुण्ड में स्नान कर रोगो से छुटकारा पाने लगे। धीरे धीरे यहा भारी जमघट होने लगा स्थानीय लोगों की आस्था को देखते हुए बाबा ने यहां पर भादव छठ का मेले आयोजन करने लगें। चूंकि उस समय कृषि और घरेलु सामानों की लोगो को आवश्यकता हुआ करती थी इस लिए लोगो की आवश्कता की दुकाने लगती थी। पुरानी परम्परा के आनुसार आज भी कृषि यंत्र और गृहस्थी के सामानों की दुकाने आज भी लगती हैं। हलाकि आधुनिकता की मार से यह भी अछूता नही रह गया हैं मेले बच्चो को लुभाने के लिए आधुनिक झूले, खिलौने मनोरंजन के लिए आरकेस्ट्रा सहित कई संसाधन मौजूद हैं।
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    Item Reviewed: ऐतिहासिक भादव छठ मेंला- खाजे का मेला Rating: 5 Reviewed By: S.M.Masoom
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