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    शनिवार, 2 अप्रैल 2011

    चलिए आज महर्षि यमदग्नि की तपोस्थली जौनपुर की बड़ी मस्जिद की सैर करते हैं |

    कभी महर्षि यमदग्नि की तपोस्थली व शर्की सल्तनत की राजधानी रहा जौनपुर आज भी अपने ऐतिहासिक एवं नक्काशीदार इमारतों के कारण न केवल प्रदेश में बल्कि पूरे भारत वर्ष में अपना एक अलग वजूद रखता है. प्राचीन काल से शैक्षिक व ऐतिहासिक दृष्टि से समृद्धिशाली शिराजे हिन्द जौनपुर नगर में आज भी कई ऐसी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक इमारतें है जो इस बात का पुख्ता सबूत प्रस्तुत करती है कि यह नगर आज से सैकड़ों वर्ष पूर्व एक पूर्ण सुसज्जित नगर रहा होगा। शासन इसे यदि पर्यटक स्थल घोषित कर दे तो जौनपुर मैं आज भी विदेशिओं को आकर्षित करने कि छमता है|

    मैं आप को अभी तक जौनपुर के किले कि, शाही पुल कि, अटला मस्जिद और शीतला धाम चौकिया,कि सैर करवा चुका हूँ. आज चलते हैं

    बड़ी मस्जिद जो कि शर्की कालीन स्थापत्य कला का अनुपम नमूना है. जामा मस्जिद के नाम से भी विख्यात यह इमारत शहर के उत्तरावर्ती क्षेत्र में शाहगंज मार्ग पर स्थित है.यह हुसैन शाह शर्की की विशाल, मुक्त व शर्कीवंश(1458-79 ) की अंतिम कृति है. यहाँ पे आप को इब्राहीम सूरी  कि कब्र भी मिलेगी ,जिसके बारे मैं मशहूर है कि यह धीरे धीरे संगमरमर (marble) मैं बदलती जा रही है.

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    Badi Masjid

    Ibrahim Suri
    Qabr Ibrahim Shah At badi Masjid Jaunpur

    PICT1364
    PICT1391
    Badi Masjid ka Board Kbhi tirahe pe laga hota tha.

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    3 comments:

    1. इतिहास के अनछुए पहलुओं को समेटने में आपका प्रयास सराहनीय है ...आज की पोस्ट से कई नए तथ्य और जानकारियां सामने आयीं ...आपका आभार इस सार्थक और सराहनीय प्रयास के लिए ..!

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    2. its nice to see the motherland in the month of navratri
      thanks and regards
      pawan k mishra

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    संचालक
    एस एम् मासूम

    Item Reviewed: चलिए आज महर्षि यमदग्नि की तपोस्थली जौनपुर की बड़ी मस्जिद की सैर करते हैं | Rating: 5 Reviewed By: S.M.Masoom
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