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    बुधवार, 2 अक्तूबर 2013

    मुझे अपने वतन जौनपुर पे गर्व है |

    मुझे अपने वतन जौनपुर पे बहुत ही गर्व है क्यों की यहाँ के लोग इंसानों की पहचान एक इंसान की तरह किया करते हैं| धर्म के नाम पे इंसान यहाँ नहीं बांटते | ज़मीनी स्तर पे मुझे यहाँ काम करने में सभी धर्म के लोगों का पूरा सहयोग मिलता रहा है जिस से मुझे यहाँ काम करने में मज़ा आता है | जौनपुर ब्लॉगर अस्सोसिअशन बना के वहाँ के ब्लॉगर को साथ जोड़ने और उन्हें प्रोत्साहित करने में मुझे कामयाबी हासिल हुई और इसके लिए भी मैं डॉ मनोज मिश्र , बहुत से पत्रकारों और समाज सेवको का आभारी हूँ |


    जौनपुर में जब मैंने काम करना शुरू किया तो महसूस हुआ की यहाँ के लोगों में प्रतिभा की कमी नहीं बस उनको दुनिया तक पहुँचने के रास्तों का पता कम है | वहाँ के लेखको को, कवियों, छात्रों ,पत्रकारों और समाज सेवको को अंतर्जाल से जोड़ने की मैं एक कोशिश शुरू की और डॉ मनोज मिश्र जी के सहयोग से पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मॉस एंड मीडिया के बच्चों को वहाँ की कार्यशाला में ब्लॉग और अंतरजाल की अहमियत के बारे में बताया | विश्वविधालय के ब्लॉग पूरब बानी की शुरुआत में सहयोग किया जो आज एक कामयाब ब्लॉग है | उसके बाद पत्रकारों को उत्साहित किया और आज न जाने कितने पत्रकार हैं जो सफल पूर्वक अपने ब्लॉग का सञ्चालन कर रहे हैं और अपनी बात दुनिया तक कामयाबी के साथ पहुंचा पा रहे हैं |

    आज जौनपुर के 29-३० ऐसे लोग हैं जो हिंदी ब्लॉगजगत का आज हिस्सा हैं | हमारा जौनपुर के नाम से उन सभी ब्लॉगर को जोड़ने के लिए जौनपुर ब्लॉगर अस्सोसिअशन का निर्माद किया गया और जौनपुर की पहली वेबसाईट जौनपुर सिटी डॉट इन हिंदी और अंग्रेजी में शुरू की गयी | आज इन सभी का कामयाबी का कामयाबी के साथ सञ्चालन हो रहा है और जौनपुर वासियों के सहयोग का मैं तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ और आशा करता हूँ उनका सहयोग हमेशा बना रहे गा |


      जौनपुर निवासी और समाज में अमन और शांति के पैगाम न दे यह तो संभव नहीं है क्यूंकि जौनपुर निवासियों के खून में आपसी भाईचारा और मुहब्बत सभी धर्म के लोगों के लिए हुआ करती है |मैंने भी सन २०१० में अमन का पैगाम ब्लॉग की शुरुआत की और अमन का पैगाम “ से मैंने हमेशा ऐसे मुद्दे उठाये जिनसे समाज में कोई बुराई फैलती हो या इस ब्लॉगजगत में कहीं नफरत फैलती हो | चाहे यह मुद्दा टिपण्णी माफियाओं का रहा हो, या ब्लॉगजगत के व्यापारीकरण का, चाहे यह मुद्दा धर्म के नाम पे नफरत फैलाने का रहा हो यामहिलाओं के साथ अन्याय का रहा हो, यह मुद्दा भ्रष्टाचार का रहा हो या अनैतिक संबंधो का ,यह मुद्दा समाज में दोहरे चरित्र वाले लोगों का रहा हो या गन्दी मानसिकता का रहा हो | ज़ुल्म के खिलाफ और आतंकवाद के खिलाफ इस ब्लॉग से हमेशा आवाज़ उठाई गयी और लोगों से उसे सराहा भी |   अभी तक ६७ से अधिक लोग अपने पैगाम इस ब्लॉग पे दर्ज करवा चुके हैं जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं | आप भी कोई लेख भेजना चाहते हैं और समाज को कोई पैगाम देना चाहते हैं तो एडमिन एस एम् मासूम को भेज सकते हैं |

     ई मेल : amankapaigham@gmal.com आशा है की आप सभी जौनपुर वासियों के सहयोग से यह “अमन और शांति “ की इस राह पे अपना यह कारवां आगे बढ़ता रहेगा |
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    4 comments:

    1. तेरी दुआ तेरी मुहब्बत तेरा असर मुझमे है। मै कही भी रहू मगर मेरा शहर मुझमे है।

      जवाब देंहटाएं
    2. जौनपुर कि विरासत् को सहेज कर आगे बढ़ाऩॅ मे आप जिस लग्न से कम कर रहे है उसके लिये आप बाधाई के पात्र है

      जवाब देंहटाएं

    हमारा जौनपुर में आपके सुझाव का स्वागत है | सुझाव दे के अपने वतन जौनपुर को विश्वपटल पे उसका सही स्थान दिलाने में हमारी मदद करें |
    संचालक
    एस एम् मासूम

    Item Reviewed: मुझे अपने वतन जौनपुर पे गर्व है | Rating: 5 Reviewed By: S.M.Masoom
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