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    शुक्रवार, 7 मार्च 2014

    लोकतंत्र की जड़ें खोखला कर रहा भ्रष्टाचार |

    भ्रष्टाचार का घुन लोकतंत्र की जड़ें अंदर ही अंदर खोखला करता जा रहा है और हम मस्त व मगन हैं कि हमारा देश तो तेजी से विकास करता जा रहा है। उक्त बातें हिन्दुस्तान मानवाधिकार एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव ज्ञान कुमार ने ‘अराजकता व भ्रष्टाचार लोकतंत्र के लिये सबसे घातक’ विषय पर कैम्प कार्यालय पर आयोजित बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि केवल पुलिस ही क्या हर सरकारी विभाग का हाल एक जैसा है। इसी क्रम में चकबंदी कर्मचारी संघ के पूर्व प्रान्तीत्र मंत्री तनवीर शास्त्री ने कहा कि शासन द्वारा नियुक्तियों में निष्पक्षता व पारदर्शिता के सारे दावे झूठे साबित हो जाते हैं।


     मुख्य अतिथि अब्बास हुसैन विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट   दीवानी न्यायालय ने कहा कि सरकार की कुर्सियां अपने अधिकार क्षेत्र को भी लांघ जाती हैं। स्थिति इतनी अफसोसजनक हो चुकी है कि अधिकारी न्यायालय के आदेशों का भी सम्मान नहीं करते हैं और न्यायालय के फैसलों को नजरअंदाज कर दिया करते हैं। अन्त में जूरी जज डा. दिलीप सिंह ने लाॅ एण्ड आर्डर की बिगड़ती स्थिति पर अफसोस व्यक्त करते हुये कहा कि बेबश और पीडि़त की आखिरी उम्मीद न्यायालय होती है परन्तु इस भ्रष्टाचार के दौर में इसे भी नजरअंदाज कर दिया जा रहा है। इस अवसर पर अशोक कुमार, वीके गुप्ता एडवोकेट, सरदार सिंह बग्गा, बनवारी लाल, नीरज अरोरा, शाहिद मौजूद रहे। गोष्ठी का संचालन पत्रकार हसनैन कमर दीपू ने किया।
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