• Latest

    गुरुवार, 6 अप्रैल 2017

    दौलत के लिए इंसानियत खोने वाले सेहत के मामले में इतने सुस्त क्यूँ है ?


    आज जिन हालत से हम गुज़र रहे हैं उसमे यह सोंचना ही पड़ता है की आखिर हम दौलत के मामले में तो इतने चुस्त हैं की इंसानियत खोते जा रहे हैं और सेहत के मामले में इतने सुस्त की सब कुछ गलत होता देख के भी कोई आवाज़ नहीं उठाते | क्यूँ ?

    दूध ,पनीर,खोया ,मिठाई आइसक्रीम, चावल, चटनी, खाने के तेल, आटा, मिठाइयों में मिलावट आम बात है | फल सब्जी अब केमिकल के भेंट चढ़ते हुए खूबसूरत और ज़हरीला रूप अख्तियार करते जा रहे हैं |


    और बीमार पड़े तो डॉ की भारी फीस , दवाओं की कमीशन कमर तोड़ देती हैं और तो और झोला छाप डॉक्टर जहां देखिये बेख़ौफ़ आसन जमाये बैठे हैं ,बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे पैथालाजी केन्द्र हमारी सेहत से खेल रहे हैं |

    जाएँ तो जाएँ कहाँ ? कोई रास्ता नहीं सिवाए इसके की ४५-५० के बाद बीमार डॉ के चक्कर लगाते लगाते रहो   |

    एक रास्ता है की हम जागरूक हो के इसके खिलाफ आवाज़ उठाते और सरकार पे दबाव डालते की खाने पीने की चीज़ों और दवाओं के सिलसिले में सख्त कानून बनाए और उसे अमल में भी लाये | लेकिन हम ही सुस्त हैं और डॉ के चक्कर लगाने को मजबूर |


     Admin and Founder 
    S.M.Masoom
    Cont:9452060283
    • Blogger Comments
    • Facebook Comments

    0 comments:

    एक टिप्पणी भेजें

    हमारा जौनपुर में आपके सुझाव का स्वागत है | सुझाव दे के अपने वतन जौनपुर को विश्वपटल पे उसका सही स्थान दिलाने में हमारी मदद करें |
    संचालक
    एस एम् मासूम

    Item Reviewed: दौलत के लिए इंसानियत खोने वाले सेहत के मामले में इतने सुस्त क्यूँ है ? Rating: 5 Reviewed By: S.M Masum
    Scroll to Top