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    गुरुवार, 16 मार्च 2017

    है मेरी ससुराल भी बर्की यहाँ, दिलनशीं हैं शाहकार ऐ जौनपुर|

    डॉ अहमद बर्की साहब उर्दू के मशहूर शायर हैं जिनका जन्म २५ दिसम्बर १९५४ को आजमगढ़ शहर में हुआ |इनकी प्रारंभिक शिक्षा शिबली नॅशनल कॉलेज आजमगढ़ से हुयी और मास्टर डिग्री उर्दू /फ़ारसी से करते हुए पी एच डी दिल्ली की जवाहरलाल यूनिवर्सिटी से पूरी की | डॉ साहब के बारे में अधिक जानकारी इनकी वेबसाईट www.drbarqiazmi.com , से मालूम की जा सकती है | जौनपुर सिटी की पूरी टीम डॉ साहब की आभारी है की इन्होने वेबसाईट को देखा और सराहा |








    डॉ साहब का भेजा तोहफा आप सभी के सामने पेश ऐ खिदमत है |

    है यह बर्की यादगार जौनपुर

    दिलनशीं हैं शाहकार ऐ जौनपुर

    था कभी यह मर्ज ऐ अहले नज़र

    क्या हुई अब वो बहार ऐ जौनपुर

    है निहायत कार अहमद यह ब्लॉग

    बाइस ऐ इज्जो वेकार ऐ जौनपुर

    मुस्तहक हैं दाद के इस के मुदीर

    रूह परवर है दयार ऐ जौनपुर

    थे शाफिक ओ कामिल औ मोहसिन रजा

    अहद ऐ हाज़िर में वेकार ऐ जौनपुर

    कहते थे इस शहर को शिराज़ ऐ हिन्द

    है माता ऐ फन निसार ऐ जौनपुर

    है मेरी ससुराल भी बर्की यहाँ

    खूब हैं गर्द औ गुबार ऐ जौनपुर |
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    एस एम् मासूम

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