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    सोमवार, 17 अप्रैल 2017

    हमका मेला में चलिके घुमावा पिया झुलनी गढ़ावा पिया ना।


    बारिश तो इस बार अभी तक पूरी तरह से नहीं आ पायी लेकिन इस वर्षा ऋतू का असर जौनपुर वासियों पे धीरे धीरे होने लगा है |

    दो  दिन पहले डॉ. पवन मिश्रा ने अपने वतन से प्रेम को कुछ ऐसे व्यक्त किया था|  "हमारे गांव में इस समय महिलाये झूले पर बैठ कजरी गा रही होंगी। पेंग मारे जा रहे होंगे। हलकी बारिश में भीगे ज्वान नागपंचमी की तैयारी में अखाड़े में आ जुटे होंगे और मैं यहाँ ७०० किलोमीटर दूर कम्प्यूटर तोड़ रहा हूँ। खैर आप लोग लोकभाषा में लिखे इस गीत और भाव को देखिये। "

    और एक कजरी गीत लिख डाला | अब ऐसे में स्वरों और संगीत की दुनिया से जुड़े डॉ मनोज मिश्र जी कैसे चुप  बैठते | उन्होंने भी इस कजरी को अपना स्वर दे डाला और इतने बेहतरीन अंदाज़ में गाया की बारिश का मज़ा दुगना हो गया |

    आप सब भी इस कजरी का आनंद लें |


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    2 comments:

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    संचालक
    एस एम् मासूम

    Item Reviewed: हमका मेला में चलिके घुमावा पिया झुलनी गढ़ावा पिया ना। Rating: 5 Reviewed By: S.M Masum
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